हिमाचल पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव: अध्यक्ष चुनाव की समय सीमा हटी, सरकार ने बदले नियम
रोहड़ू / शिमला | 9 मई 2026
हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 से पहले राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला लिया है। सरकार ने पंचायती राज एक्ट में संशोधन करते हुए जिला परिषद (ZP) और पंचायत समिति (BDC) अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव की तय समय सीमा को समाप्त कर दिया है। इस फैसले के बाद अब अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव पहले की तरह निर्धारित दिनों के भीतर करवाना जरूरी नहीं होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार अब संबंधित उपायुक्त (DC) और एसडीएम परिस्थितियों और प्रशासनिक सुविधा के अनुसार किसी भी समय बैठक बुलाकर अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करवा सकेंगे। पहले नियम था कि चुनाव परिणाम आने के सात दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी अनिवार्य होती थी।
क्या होगा असर?
सरकार के इस फैसले के बाद पंचायत राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं को अब समर्थन जुटाने और रणनीति बनाने के लिए अधिक समय मिल सकेगा। वहीं विपक्ष इस फैसले को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि:
- अध्यक्ष चुनाव में देरी हो सकती है।
- राजनीतिक जोड़तोड़ बढ़ सकती है।
- जिला परिषद और BDC में सत्ता संतुलन बदल सकता है।
- प्रशासन को चुनाव प्रबंधन में अधिक लचीलापन मिलेगा।
तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव
प्रदेश में पंचायत चुनाव मई 2026 में तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान 26, 28 और 30 मई को होगा, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति के परिणाम 31 मई को घोषित किए जाएंगे।
विपक्ष ने उठाए सवाल
सरकार के इस फैसले पर विपक्षी दलों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि समय सीमा हटाने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और सत्ता पक्ष को राजनीतिक लाभ मिल सकता है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक सुविधा और बेहतर चुनाव प्रबंधन के लिए किया गया है।
पंचायत चुनाव पर पूरे प्रदेश की नजर
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को हमेशा स्थानीय राजनीति का सबसे बड़ा आधार माना जाता है। ऐसे में अध्यक्ष चुनाव की समय सीमा हटाने के फैसले ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में यह फैसला पंचायत सत्ता के समीकरणों पर कितना असर डालेगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।