हिमाचल में अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मिले पेंशनर्स, CM सुक्खू ने दिया ये भरोसा
शिमला: अपनी लंबित मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मुलाकात की. यह मुलाकात महज औपचारिक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे आने वाले समय में पेंशनरों के भविष्य से जुड़े बड़े फैसलों का संकेत माना जा रहा है. पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट ने अध्यक्ष आत्मा राम की अगुआई में मुख्यमंत्री के सामने पेंशनरों की लंबित मांगों को विस्तार से रखा. इन मांगों में वित्तीय लाभ, बकाया भुगतान और नीतिगत सुधार जैसे कई अहम मुद्दे शामिल हैं.
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एक विस्तृत मांग पत्र भी सौंपा, जिससे इस मुलाकात की गंभीरता और बढ़ गई. मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी मांगों पर “सहानुभूतिपूर्वक विचार” करेगी. हालांकि, उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति का भी जिक्र किया और संकेत दिया कि फैसले संतुलन और संसाधनों को ध्यान में रखकर ही लिए जाएंगे.
‘कर्मचारियों के हित में उठाए कई कदम’
सीएम सुक्खू ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में, आर्थिक चुनौतियों और आरडीजी बंद होने के बावजूद, सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री ने (ओपीएस) का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट ने पहली ही बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए इसे बहाल कर दिया था, लेकिन केंद्र ने ओपीएस लागू करने के लिए मिलने वाली 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी गई है, जिससे राज्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है