5 साल बाद बदला नतीजा: ग्राम पंचायत सारी की प्रधान बनीं रंजू, 1 वोट से जीत हासिल

शिमला ज़िला के जुब्बल ब्लॉक की ग्राम पंचायत सारी में हुए प्रधान चुनाव का फैसला आखिरकार 5 साल बाद बदल गया। यह मामला 2021 के चुनाव से जुड़ा है, जब रंजू और अनु रांगटा आमने-सामने थीं।

 

21 जनवरी 2021 को घोषित नतीजों में अनु रांगटा को 247 वोट और रंजू को 246 वोट मिले थे। इस तरह अनु रांगटा को महज़ 1 वोट से विजयी घोषित कर दिया गया था।

 

चुनाव परिणाम पर रंजू ने आपत्ति जताई और हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। उनका आरोप था कि उनके पक्ष में पड़े कई वोटों को गलत तरीके से अवैध करार दिया गया, जबकि कुछ वोट अनुचित रूप से मान्य माने गए।

 

मामला लंबा खिंचता रहा और अंततः हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चुनावी रिकार्ड मंगवाकर वोटों की दोबारा गिनती (रीकाउंटिंग) करवाई। रीकाउंट के दौरान स्पष्ट हुआ कि अनु रांगटा को कुल 244 वोट और रंजू को 245 वोट मिले हैं। यानी इस बार रंजू 1 वोट से आगे निकल गईं।

✦ वकीलों की मेहनत का फल

इस मामले में रंजू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अंकुश दास सूद ने पैरवी की। उनके साथ अधिवक्ता युधवीर सिंह ठाकुर, प्रज्वल बुस्टा और ओशिन आनंद चौहान भी लगातार जुड़े रहे। लगभग 5 साल की निरंतर मेहनत और कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार यह ऐतिहासिक जीत हासिल हुई।

26 सितम्बर 2025 को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए पहले के आदेशों को रद्द किया और रंजू को ग्राम पंचायत सारी की विजयी प्रधान घोषित कर दिया।

 

यह फैसला न केवल पंचायत स्तर पर राजनीतिक माहौल बदलने वाला है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि लोकतंत्र में हर एक वोट की अहमियत कितनी ज़्यादा होती है।

 

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