इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण आज रविवार
🌑 इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण
आज रविवार, 21 सितंबर की रात इस वर्ष का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। खगोल विज्ञान के अनुसार सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, जो हर साल कुछ बार देखने को मिलती है।
इस बार विशेष बात यह है कि ग्रहण सर्वपितृ अमावस्या के दिन पड़ रहा है। अमावस्या के दिन स्नान-दान और पितरों के लिए श्राद्ध करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितृ दोष समाप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। लेकिन ग्रहण और अमावस्या एक साथ पड़ने के कारण लोगों के मन में तर्पण और श्राद्ध को लेकर शंकाएं बनी हुई थीं।
🕒 सूर्य ग्रहण का समय
- ग्रहण शुरू होगा : 21 सितंबर रात 11:00 बजे
- ग्रहण समाप्त होगा : 22 सितंबर सुबह 3:23 बजे
- कुल अवधि : 4 घंटे 24 मिनट
🕉️ सूतक काल मान्य होगा या नहीं?
शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है।
सूतक काल में –
- कोई भी शुभ कार्य वर्जित होता है
- मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं
- पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य नहीं होते
लेकिन इस बार का ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
👉 इसलिए सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा।
🙏 नवरात्रि और श्राद्ध पर असर
ज्योतिष के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल लागू नहीं होता।
इस बार भारत के किसी भी हिस्से में ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
इसलिए –
- श्राद्ध व तर्पण की सभी विधियां सामान्य रूप से की जा सकेंगी
- नवरात्रि या अन्य धार्मिक कार्यों पर कोई असर नहीं पड़ेगा
- लोग बेझिझक स्नान-दान और पितरों के लिए श्रद्धा से तर्पण कर सकते हैं
🔑 निष्कर्ष
- आज रात सूर्य ग्रहण लगेगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
- इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।
- अमावस्या पर होने वाले श्राद्ध, तर्पण और नवरात्रि के कार्यों में कोई बाधा नहीं होगी।
- लोग अपने पितरों की शांति और मोक्ष के लिए श्रद्धा पूर्वक कर्मकांड कर सकते हैं।
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